जैन पंचांग·Jain Panchang
7 February 2027 · रविवार (Sunday) · Ujjain (23.1765, 75.7885, IST+0)
तिथिमाघ शुक्ल प्रतिपदा
वी.नि.सं.2553
म.जन्म सं.2626
विक्रम सं.2083
शक सं.1949
इस दिन के पर्व · कल्याणक · व्रत
- vratलब्धि विधान व्रत (माघ)Labdhi Vidhan Vrat (Magha)
दिशा
दिशा शूल · वार शूल
दिशा शूल (यात्रा वर्जित)पश्चिम (West)
वार शूल (मुख दिशा)आग्नेय (South-East)
रस त्याग — इस दिन क्या त्याग करें
🧂
नमक (Salt)
नमक एवं नमकीन पदार्थ
आज का सार
तिथि-प्रवृत्ति, आनंदादि योग, पंचक/भद्रा/मूल और विशेष योगों का संक्षेप
मिश्रित दिन — सतर्क रहें
✓ अनुकूल: नन्दा — उत्सव, संगीत, आनंद · अनंदादि योग: मातंग (Anandadi Yoga: Matanga) — नई शुरुआत के लिए अनुकूल · द्विपुष्कर योग (Dvipushkar Yoga)
⚠ सावधानी: पंचक
अगला दिन
आगामी पर्व (33)
अगले 14 दिन
- भगवान वासुपूज्य — केवलज्ञान कल्याणक8 February 2027
- लब्धि विधान व्रत (माघ)8 February 2027
- लब्धि विधान व्रत (माघ)9 February 2027
- भगवान विमलनाथ — जन्म कल्याणक10 February 2027
- भगवान विमलनाथ — तप कल्याणक10 February 2027
- दस लक्षण पर्व प्रारम्भ11 February 2027
- उत्तम क्षमा धर्म11 February 2027
- पुष्पांजलि व्रत (माघ)11 February 2027
- भगवान विमलनाथ — केवलज्ञान कल्याणक12 February 2027
- उत्तम मार्दव धर्म12 February 2027
- पुष्पांजलि व्रत (माघ)12 February 2027
- उत्तम आर्जव धर्म13 February 2027
- पुष्पांजलि व्रत (माघ)13 February 2027
- उत्तम सत्य धर्म14 February 2027
- पुष्पांजलि व्रत (माघ)14 February 2027
- रोहिणी व्रत15 February 2027
विस्तृत खगोलीय एवं मुहूर्त विवरण
पञ्चाङ्ग — पाँच अंग
तिथि · नक्षत्र · योग · करण · वार
तिथिप्रतिपदा (शुक्ल पक्ष) (Pratipada Shukla Paksha)समाप्ति 11:28 PM
तिथि प्रारम्भ9:26 PM
नक्षत्रधनिष्ठा (Dhanishta) #23समाप्ति 11:49 PM
नक्षत्र पाद2/4
योगवरीयान् (Variyana) #18समाप्ति 9:41 PM
योग क्रमवरीयान् (→9:41 PM) · परिघ (→9:52 PM)
करणकिंस्तुघ्न (Kimstughna)समाप्ति 10:30 AM
करण क्रमकिंस्तुघ्न (→10:30 AM) · बव (→11:28 PM) · बालव (→12:20 PM)
वाररविवार (Sunday)
तिथि प्रवृत्तिनन्दा (Nanda)— उत्सव, संगीत, आनंद
सूर्य · चन्द्र
उदय/अस्त एवं दिवस अवधि
सूर्योदय7:04 AM
सूर्यास्त6:18 PM
चन्द्रोदय7:27 AM
चन्द्रास्त6:55 PM
दिवस अवधि11:14
ऋतुशिशिर (Shishir)
अयनउत्तरायण (Uttarayana)
राशि · नक्षत्र · लग्न
ग्रह स्थिति
चन्द्र राशिमकर (Capricorn) #10
सूर्य राशिमकर (Capricorn) #10
सूर्य नक्षत्रधनिष्ठा (Dhanishta) #23प्रवेश 7:04 AM
उदय लग्नमकर (Capricorn) #10
सूर्योदय होरासूर्य (Sun)
ग्रह स्थिति (सूर्योदय)
लाहिरी अयनांश; डिग्री राशि के भीतर
| ग्रह | राशि | ° | नक्षत्र | वक्री | अस्त |
|---|---|---|---|---|---|
| सूर्य (Sun) | मकर (Capricorn) | 23.80° | धनिष्ठा (Dhanishta) | — | — |
| चन्द्र (Moon) | मकर (Capricorn) | 28.22° | धनिष्ठा (Dhanishta) | — | — |
| मंगल (Mars) | सिंह (Leo) | 11.30° | मघा (Magha) | वक्री | — |
| बुध (Mercury) | कुम्भ (Aquarius) | 11.11° | शतभिषा (Shatabhisha) | — | — |
| गुरु (Jupiter) | कर्क (Cancer) | 28.32° | आश्लेषा (Ashlesha) | वक्री | अस्त |
| शुक्र (Venus) | धनु (Sagittarius) | 9.74° | मूल (Mula) | — | — |
| शनि (Saturn) | मीन (Pisces) | 16.57° | उत्तराभाद्रपद (Uttara Bhadrapada) | — | — |
| राहु (Rahu) | मकर (Capricorn) | 26.29° | धनिष्ठा (Dhanishta) | — | — |
| केतु (Ketu) | कर्क (Cancer) | 26.29° | आश्लेषा (Ashlesha) | — | — |
वक्री = ग्रह पीछे चल रहा हो (नई शुरुआत स्थगित)। अस्त = ग्रह सूर्य के अत्यधिक निकट (विवाह/पूजा/प्रतिष्ठा कार्य वर्जित)।
मास · संवत्
दोनों परम्पराएँ + अधिक मास
माह (पूर्णिमान्त)माघ (Magha)
माह (अमान्त)माघ (Magha)
अधिक मासनिज
VNS तिथिमाघ शुक्ल प्रतिपदा
वी.नि. संवत्2553
म. जन्म संवत्2626
विक्रम संवत्2083
शक संवत्1949
शुभ मुहूर्त
कार्य आरम्भ हेतु अनुकूल
अभिजित12:19 PM–1:04 PM
विजय2:33 PM–3:18 PM
ब्रह्म मुहूर्त5:22 AM–6:13 AM
गोधूलि6:18 PM–6:42 PM
प्रातः सन्ध्या6:52 AM–7:16 AM
सायं सन्ध्या6:06 PM–6:30 PM
निशीथ काल12:17 AM–1:05 AM
अशुभ मुहूर्त
सावधानी; कार्य आरम्भ न करें
राहु काल4:54 PM–6:18 PM
यमगण्ड12:41 PM–2:05 PM
गुलिक काल3:29 PM–4:54 PM
कुलिक3:18 PM–4:03 PM
कालवेला1:48 PM–2:33 PM
कण्टक / मृत्यु12:19 PM–1:04 PM
यमघण्ट10:49 AM–11:34 AM
दुर्मुहूर्त4:48 PM–5:33 PM
दिन के योग-संकेत
शुभ-अशुभ — पंचक · भद्रा · मूल · आनंदादि
पंचकसक्रिय
भद्रा (विष्टि)निष्क्रिय
मूल / गण्डान्तनिष्क्रिय
आनंदादि योगमातंग (Matanga) शुभ
विशेष योग
वार × नक्षत्र संयोग
- द्विपुष्कर योग (Dvipushkar Yoga)7:04 AM–11:28 PM
दिन-रात्रि चौघड़िया (8+8)
दिन एवं रात्रि के 8-8 बराबर भाग
दिन का चौघड़िया
| # | नाम | वर्ग | समय |
|---|---|---|---|
| 1 | उद्वेग (Udveg) | अशुभ | 7:04 AM–8:28 AM |
| 2 | चल (Char) | शुभ | 8:28 AM–9:53 AM |
| 3 | लाभ (Labh) | शुभ | 9:53 AM–11:17 AM |
| 4 | अमृत (Amrit) | शुभ | 11:17 AM–12:41 PM |
| 5 | काल (Kaal) | अशुभ | 12:41 PM–2:05 PM |
| 6 | शुभ (Shubh) | शुभ | 2:05 PM–3:29 PM |
| 7 | रोग (Rog) | अशुभ | 3:29 PM–4:54 PM |
| 8 | उद्वेग (Udveg) | अशुभ | 4:54 PM–6:18 PM |
रात्रि का चौघड़िया
| # | नाम | वर्ग | समय |
|---|---|---|---|
| 1 | शुभ (Shubh) | शुभ | 6:18 PM–7:54 PM |
| 2 | अमृत (Amrit) | शुभ | 7:54 PM–9:29 PM |
| 3 | चल (Char) | शुभ | 9:29 PM–11:05 PM |
| 4 | रोग (Rog) | अशुभ | 11:05 PM–12:41 AM |
| 5 | काल (Kaal) | अशुभ | 12:41 AM–2:17 AM |
| 6 | लाभ (Labh) | शुभ | 2:17 AM–3:52 AM |
| 7 | उद्वेग (Udveg) | अशुभ | 3:52 AM–5:28 AM |
| 8 | शुभ (Shubh) | शुभ | 5:28 AM–7:04 AM |
चौघड़िया — किसके लिए शुभ?
- अमृतसर्वोत्तम — कोई भी कार्य
- शुभविवाह, गृहप्रवेश, पूजा
- लाभव्यापार, धन-सम्बन्धी कार्य
- चलयात्रा, सामान्य काम (मध्यम)
- कालवर्जित — कोई शुभ आरम्भ नहीं
- रोगरोग-योग, चिकित्सा-कार्य ही करें
- उद्वेगतनाव, विवाद — आरम्भ न करें
होरा (24 घंटे)
ग्रह-होरा — दिन व रात्रि के 12-12 भाग; प्रत्येक होरा का स्वामी ग्रह
दिन की 12 होरा
| # | स्वामी | वर्ग | समय |
|---|---|---|---|
| 1 | सूर्य (Sun) | अशुभ | 7:04 AM–8:00 AM |
| 2 | शुक्र (Venus) | शुभ | 8:00 AM–8:57 AM |
| 3 | बुध (Mercury) | neutral | 8:57 AM–9:53 AM |
| 4 | चन्द्र (Moon) | शुभ | 9:53 AM–10:49 AM |
| 5 | शनि (Saturn) | अशुभ | 10:49 AM–11:45 AM |
| 6 | गुरु (Jupiter) | शुभ | 11:45 AM–12:41 PM |
| 7 | मंगल (Mars) | अशुभ | 12:41 PM–1:37 PM |
| 8 | सूर्य (Sun) | अशुभ | 1:37 PM–2:33 PM |
| 9 | शुक्र (Venus) | शुभ | 2:33 PM–3:29 PM |
| 10 | बुध (Mercury) | neutral | 3:29 PM–4:26 PM |
| 11 | चन्द्र (Moon) | शुभ | 4:26 PM–5:22 PM |
| 12 | शनि (Saturn) | अशुभ | 5:22 PM–6:18 PM |
रात्रि की 12 होरा
| # | स्वामी | वर्ग | समय |
|---|---|---|---|
| 13 | गुरु (Jupiter) | शुभ | 6:18 PM–7:22 PM |
| 14 | मंगल (Mars) | अशुभ | 7:22 PM–8:25 PM |
| 15 | सूर्य (Sun) | अशुभ | 8:25 PM–9:29 PM |
| 16 | शुक्र (Venus) | शुभ | 9:29 PM–10:33 PM |
| 17 | बुध (Mercury) | neutral | 10:33 PM–11:37 PM |
| 18 | चन्द्र (Moon) | शुभ | 11:37 PM–12:41 AM |
| 19 | शनि (Saturn) | अशुभ | 12:41 AM–1:45 AM |
| 20 | गुरु (Jupiter) | शुभ | 1:45 AM–2:48 AM |
| 21 | मंगल (Mars) | अशुभ | 2:48 AM–3:52 AM |
| 22 | सूर्य (Sun) | अशुभ | 3:52 AM–4:56 AM |
| 23 | शुक्र (Venus) | शुभ | 4:56 AM–6:00 AM |
| 24 | बुध (Mercury) | neutral | 6:00 AM–7:04 AM |
बृहस्पति/शुक्र/चन्द्र/बुध की होरा शुभ; मंगल/शनि/सूर्य की होरा अशुभ। कार्य उसी ग्रह की होरा में करें।
30 नित्य मुहूर्त
दो घटी मुहूर्त — सूर्योदय→सूर्यास्त 15, सूर्यास्त→अगला सूर्योदय 15
दिन के 15 मुहूर्त
| # | नाम | वर्ग | समय | ✓ करें | ✕ न करें |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | रुद्र (Rudra) | अशुभ | 7:04 AM–7:49 AM | व्रत, संयम | नए कार्य प्रारंभ |
| 2 | आहि (Aahi) | अशुभ | 7:49 AM–8:34 AM | आंतरिक/व्यक्त कार्य | कानूनी कार्य, प्रारंभ |
| 3 | मित्र (Mitra) | शुभ | 8:34 AM–9:19 AM | मित्रता, समझौते | झगड़े |
| 4 | पितृ (Pitr) | अशुभ | 9:19 AM–10:04 AM | पितृ तर्पण, दान | विवाद, गृहप्रवेश |
| 5 | वसु (Vasu) | शुभ | 10:04 AM–10:49 AM | धन लेन-देन, खरीद | अव्यवस्था |
| 6 | वाराह (Varaha) | शुभ | 10:49 AM–11:34 AM | मरम्मत, निर्माण | मुकदमेबाजी |
| 7 | विश्वेदेव (Vishvedeva) | शुभ | 11:34 AM–12:19 PM | दान, सेवा, टीम कार्य | स्वार्थी कार्य |
| 8 | विदि (Vidi) | शुभ | 12:19 PM–1:04 PM | पढ़ाई, अनुबंध | (सोम/शुक्र को) समारोह, प्रारंभ |
| 9 | सुतमुखी (Sutamukhi) | शुभ | 1:04 PM–1:48 PM | यात्रा, नेटवर्किंग | अधिक वादे |
| 10 | पुरुहूत (Puruhuta) | अशुभ | 1:48 PM–2:33 PM | निजी उपासना | बड़े उपक्रम |
| 11 | वाहिनी (Vahini) | अशुभ | 2:33 PM–3:18 PM | योजना, तैयारी | यात्रा प्रारम्भ |
| 12 | नक्तंकरा (Naktankara) | अशुभ | 3:18 PM–4:03 PM | विश्राम, रख-रखाव | सार्वजनिक आयोजन |
| 13 | वरुण (Varuna) | शुभ | 4:03 PM–4:48 PM | शुद्धिकरण, जल कार्य | चुगली |
| 14 | अर्यमन् (Aryaman) | अशुभ | 4:48 PM–5:33 PM | समझौते, संबंध | (रवि को) प्रतिष्ठा कार्य |
| 15 | भग (Bhaga) | अशुभ | 5:33 PM–6:18 PM | दान | संपत्ति बाँटना |
रात्रि के 15 मुहूर्त
| # | नाम | वर्ग | समय | ✓ करें | ✕ न करें |
|---|---|---|---|---|---|
| 16 | गिरिश (Girisha) | शुभ | 6:18 PM–7:09 PM | कार्य का समापन | जोखिम भरे आरम्भ |
| 17 | अजपाद (Ajapaada) | अशुभ | 7:09 PM–8:00 PM | परीक्षण, लेखा-जोखा | यात्रा, शल्यक्रिया |
| 18 | अहिर्बुध्य (Ahirbudhya) | शुभ | 8:00 PM–8:51 PM | अध्ययन, चिकित्सा | सतही प्रचार |
| 19 | पुष्य (Pushya) | शुभ | 8:51 PM–9:42 PM | शिक्षा, पोषण | गलत भोजन |
| 20 | अश्विनी (Ashwini) | शुभ | 9:42 PM–10:33 PM | उपचार, यात्रा, शुरुआत | विलम्ब |
| 21 | यम (Yama) | अशुभ | 10:33 PM–11:24 PM | अनुशासन, नियम | उत्सव, जोखिम |
| 22 | अग्नि (Agni) | शुभ | 11:24 PM–12:15 AM | साहसिक कार्य, ऊर्जा | क्रोध, जल्दबाज़ी |
| 23 | विधातृ (Vidhatr) | शुभ | 12:15 AM–1:06 AM | दस्तावेज़, अनुबंध | टालना |
| 24 | कण्ड (Kanda) | शुभ | 1:06 AM–1:57 AM | कला, सजावट | अहंकार |
| 25 | अदिति (Aditi) | शुभ | 1:57 AM–2:48 AM | क्षमा, दान | कठोरता |
| 26 | जीव/अमृत (Jiva/Amrit) | अति-शुभ | 2:48 AM–3:40 AM | व्रत, साधना, स्वास्थ्य | हानिकारक कार्य |
| 27 | विष्णु (Vishnu) | शुभ | 3:40 AM–4:31 AM | दीर्घकालीन योजना | जुआ |
| 28 | द्युमद्द्युति (Dyumadyuti) | शुभ | 4:31 AM–5:22 AM | कला, संगीत | झगड़े |
| 29 | ब्रह्म (Brahma) | अति-शुभ | 5:22 AM–6:13 AM | ध्यान, वेदाध्ययन | व्यर्थ बातें |
| 30 | समुद्र (Samudra) | शुभ | 6:13 AM–7:04 AM | यात्रा प्रारम्भ, शुद्धि | गंदगी, अपव्यय |
शब्दकोश — पंचांग के शब्द
हर शब्द का संक्षिप्त अर्थ
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- तिथिTithi
- चन्द्र-दिन; सूर्य-चन्द्र अंतर का 12° का खंड। 1-15 शुक्ल पक्ष + 1-15 कृष्ण पक्ष = 30 तिथियाँ।
- नक्षत्रNakshatra
- 27 तारा-समूह; आकाश का 360°/27 = 13°20' खंड जिसमें चन्द्र स्थित हो।
- योगYoga
- सूर्य-चन्द्र की जुड़ी अंशों का खंड। 27 योग; प्रत्येक का अपना शुभ/अशुभ स्वभाव।
- करणKarana
- तिथि का आधा भाग। 11 करण; भद्रा (विष्टि) सबसे अशुभ।
- होराHora
- दिन/रात्रि के 24 घंटे, प्रत्येक एक ग्रह के स्वामित्व में। शुभ कार्य उसी ग्रह की होरा में करें।
- राहु कालRahu Kalam
- दिन का अशुभ डेढ़-घंटे का खंड (वार-आधारित)। नई शुरुआत वर्जित।
- अभिजितAbhijit
- मध्यान्ह का सर्वोत्तम मुहूर्त (~48 मिनट)। बुधवार को छोड़ अधिकांश कार्यों के लिए शुभ।
- ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurta
- सूर्योदय से ~96 मिनट पहले। ध्यान, अध्ययन के लिए सर्वोत्तम।
- पंचकPanchak
- चन्द्र धनिष्ठा (२)–रेवती में हो (5 नक्षत्र)। दक्षिण यात्रा, ईंधन-संग्रह, चारपाई-बनाना वर्जित।
- भद्राBhadra
- विष्टि करण सक्रिय। कोई भी शुभ कार्य वर्जित। मुख-भाग सर्वाधिक अशुभ; पुच्छ-भाग में यात्रा शुभ।
- मूल / गण्डान्तMool / Gandanta
- चन्द्र मूल नक्षत्र (अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल, रेवती) में। यज्ञोपवीत, गृहप्रवेश वर्जित।
- वक्रीRetrograde (Vakri)
- ग्रह पृथ्वी से देखते हुए पीछे चलता दिखे। नई शुरुआत स्थगित, समीक्षा/पुनरावलोकन शुभ।
- अस्तCombust (Asta)
- ग्रह सूर्य के अत्यधिक निकट (तेज नष्ट)। विवाह, प्रतिष्ठा, पूजा-कर्म वर्जित।
- चौघड़ियाChoghadiya
- दिन व रात्रि के 8-8 भाग। अमृत/शुभ/लाभ शुभ; काल/रोग/उद्वेग अशुभ; चल मध्यम।
- नित्य मुहूर्तNitya Muhurta
- 30 दो-घटी मुहूर्त (15 दिन + 15 रात्रि)। प्रत्येक का अपना नाम, स्वभाव, करें/न करें।
- तिथि प्रवृत्तिTithi Pravritti
- तिथि-समूह का स्वभाव — नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता, पूर्णा।
- अनंदादि योगAnandadi Yoga
- वार × नक्षत्र संयोग का 28-चक्र; प्रत्येक का अपना शुभ/अशुभ नाम।
- विशेष योगSpecial Yogas
- रवि, सर्वार्थसिद्धि, अमृत-सिद्धि, रवि/गुरु पुष्य, त्रि/द्वि-पुष्कर — विशेष शुभ संयोग।
- दिशा शूलDisha Shool
- वार-आधारित 'अशुभ दिशा'। उस दिशा में यात्रा वर्जित।
- आचमन / मुहूर्तMuhurta
- एक मुहूर्त ≈ 48 मिनट = 2 घटी = 1/30 दिन।
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